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गरीबों की आवाज उठाने वाला पत्रकार खुद पूछ रहा सवाल: अधिकारियों तक आम जनता की फरियाद क्यों नहीं पहुँच रही?

गरीबों की आवाज उठाने वाला पत्रकार खुद पूछ रहा सवाल: अधिकारियों तक आम जनता की फरियाद क्यों नहीं पहुँच रही? धुरकी, गढ़वा (झारखंड): गरीबों और जरूरतमंदों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाने का दावा करने वाले समाचार मंच ‘न्याय की बात’ ने अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं। मंच की ओर से आरोप लगाया गया है कि कई बार फोन से संपर्क करने और आवेदन देने के बावजूद संबंधित समस्याओं पर स्पष्ट जवाब या कार्रवाई की जानकारी नहीं मिलती। ऐसे में सवाल उठता है कि आम जनता अपनी

राजनीति

गरीबों की आवाज उठाने वाला पत्रकार खुद पूछ रहा सवाल: अधिकारियों तक आम जनता की फरियाद क्यों नहीं पहुँच रही?

गरीबों की आवाज उठाने वाला पत्रकार खुद पूछ रहा सवाल: अधिकारियों तक आम जनता की फरियाद क्यों नहीं पहुँच रही? धुरकी, गढ़वा (झारखंड): गरीबों और जरूरतमंदों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाने का दावा करने वाले समाचार मंच ‘न्याय की बात’ ने अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं। मंच की ओर से आरोप लगाया गया है कि कई बार फोन से संपर्क करने और आवेदन देने के बावजूद संबंधित समस्याओं पर स्पष्ट जवाब या कार्रवाई की जानकारी नहीं मिलती। ऐसे में सवाल उठता है कि आम जनता अपनी

मत-विमत

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गरीबों की आवाज उठाने वाला पत्रकार खुद पूछ रहा सवाल: अधिकारियों तक आम जनता की फरियाद क्यों नहीं पहुँच रही? धुरकी, गढ़वा (झारखंड): गरीबों और जरूरतमंदों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाने का दावा करने वाले समाचार मंच ‘न्याय की बात’ ने अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं। मंच की ओर से आरोप लगाया गया है कि कई बार फोन से संपर्क करने और आवेदन देने के बावजूद संबंधित समस्याओं पर स्पष्ट जवाब या कार्रवाई की जानकारी नहीं मिलती। ऐसे में सवाल उठता है कि आम जनता अपनी

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