बनकट कांटी ग्राम सभा में शमशान घाट निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल, सरकार की आंखों में सरेआम धूल।
बनकट कांटी ग्राम सभा में सरकारी धन से कराए जा रहे शमशान घाट निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में मानक के विपरीत घटिया सामग्री का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार शमशान घाट जैसे संवेदनशील और जनहित से जुड़े कार्य में भी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। निर्माण में प्रयुक्त सीमेंट, ईंट और बालू की गुणवत्ता बेहद कमजोर बताई जा रही है। कुछ स्थानों पर दीवारों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं, जबकि निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे मामले में संबंधित विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। बिना किसी सख्त निगरानी के कार्य कराया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह निर्माण कुछ ही समय में जर्जर हालत में पहुंच जाएगा।
एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,
सरकार शमशान घाट जैसी जरूरी सुविधा के लिए पैसा भेज रही है, लेकिन यहां घटिया सामग्री लगाकर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती।”
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा शमशान घाट का निर्माण मानक के अनुसार दोबारा कराया जाए।
फिलहाल इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप को कितनी गंभीरता से लेता है या यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।
न्याय की बात।
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