नई दिल्ली — यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक।
नई दिल्ली — यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे देश के छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए बड़ी राहत बताया है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक से शिक्षा व्यवस्था में असमंजस की स्थिति फिलहाल टल गई है। उन्होंने कहा कि इन नियमों को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों, शिक्षकों और छात्रों में चिंता का माहौल था, लेकिन अब कोर्ट के फैसले से उन्हें राहत मिली है।
गिरिराज सिंह ने अपने बयान में कहा,
“यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक से यह साफ हो गया है कि संविधानिक संस्थाएं संतुलन और न्याय के साथ फैसले ले रही हैं। यह फैसला छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के हित में है।”
उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार की पहचान है — सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार चाहती है, लेकिन यह सुधार सभी हितधारकों से बातचीत और संविधानिक मूल्यों के तहत ही होना चाहिए।
बताया जा रहा है कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर कई राज्य सरकारों, विश्वविद्यालयों और शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट ने फिलहाल इन नियमों के अमल पर रोक लगाते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी से जवाब मांगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता बनी रहेगी और बिना व्यापक सहमति के लागू किए जाने वाले नियमों पर अब पुनर्विचार होगा।
अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि यूजीसी के नए नियमों का भविष्य क्या होगा और शिक्षा प्रणाली में आगे क्या बदलाव किए जाएंगे।
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