कुंभ 2025 में दातून बेचने वाला वायरल आकाश यादव: प्रेमिका की सलाह, 10 और 100 रुपये की कहानी और सोनी टीवी तक का सफ़र।
कुंभ मेले की भीड़ में शुरू हुई एक अनोखी कहानी
प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेला 2025 आस्था, धर्म और परंपरा का सबसे बड़ा संगम बना। लेकिन इसी विशाल मेले में एक ऐसा नाम उभरा, जिसने सोशल मीडिया से लेकर टीवी स्क्रीन तक सबका ध्यान खींच लिया।
यह नाम है — आकाश यादव, दातून बेचने वाला वह लड़का, जिसकी कहानी अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है।
प्रेमिका की सलाह से बदली किस्मत
आकाश यादव की यह कहानी सिर्फ मेहनत की नहीं, बल्कि समझदारी की भी है।
बताया जा रहा है कि आकाश को कुंभ मेले में दातून बेचने का आइडिया उसकी प्रेमिका ने दिया था।
उसने आकाश से कहा कि—
कुंभ में लाखों लोग आते हैं, दातून की जरूरत हर किसी को पड़ती है। वहां मेहनत की कद्र भी होगी।
प्रेमिका की इसी सलाह ने आकाश को कुंभ मेला 2025 तक पहुंचा दिया।
देसी और विदेशी के लिए अलग दाम
कुंभ मेले में आकाश की बिक्री का तरीका भी लोगों को चौंकाने वाला था।
भारतीय श्रद्धालुओं के लिए दातून – 10 रुपये
विदेशी (अंग्रेज़) पर्यटकों के लिए – 100 रुपये
आकाश का कहना था कि विदेशी पर्यटक दातून को भारतीय संस्कृति का हिस्सा मानकर खुशी-खुशी ज्यादा पैसे देते थे।
यही अनोखा अंदाज़ धीरे-धीरे लोगों की नजर में आने लगा।
वीडियो बना और आकाश बन गया वायरल
कुंभ मेले में किसी श्रद्धालु या सोशल मीडिया क्रिएटर ने आकाश यादव का वीडियो बना लिया।
वीडियो में आकाश अपनी कहानी, दातून बेचने का तरीका और कीमतों का फर्क बेहद सादगी से समझाता दिखा।
बस फिर क्या था—
वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल हो गया।
कुछ ही समय में आकाश यादव “कुंभ 2025 का वायरल दातून वाला लड़का” बन गया।
सोशल मीडिया से टीवी तक की उड़ान
वायरल होने के बाद आकाश यादव की कहानी सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही।
जल्द ही उसकी चर्चा नेशनल मीडिया तक पहुंची और फिर
➡️ सोनी टीवी पर आकाश यादव छा गया।
सोनी टीवी के कार्यक्रम में आकाश ने—
अपनी गरीबी
कुंभ में दातून बेचने का अनुभव
और वायरल होने के बाद बदली ज़िंदगी
सब कुछ खुलकर बताया।
आकाश यादव का जीवन आसान नहीं रहा।
गरीबी ने उसे बचपन में ही काम करने पर मजबूर कर दिया।
लेकिन कुंभ मेले में की गई मेहनत और सोशल मीडिया की ताकत ने यह साबित कर दिया कि
> “अगर सोच अलग हो, तो किस्मत भी बदल सकती है।
आकाश यादव की कहानी कई सवाल भी खड़े करती है—
क्या ऐसे बच्चों को सिस्टम का सहारा नहीं मिलना चाहिए?
क्या कुंभ जैसे आयोजनों में मेहनत करने वाले बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी समाज की नहीं?
आज लोग मांग कर रहे हैं कि आकाश यादव को
शिक्षा से जोड़ा जाए
सरकारी योजनाओं का लाभ मिले
और उसकी मेहनत को सही दिशा दी जाए।
कुंभ मेला 2025 में दातून बेचने वाला वायरल आकाश यादव अब सिर्फ एक लड़का नहीं, बल्कि संघर्ष, समझदारी और मौके को पहचानने की मिसाल बन चुका है।
प्रेमिका की सलाह से शुरू हुई यह कहानी आज सोनी टीवी तक पहुंचकर देश को यह संदेश दे रही है कि—
मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, बस उसे सही जगह चाहिए।
न्याय की बात।
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