ग्रामीणों ने पेश की मिसाल: मुखिया और ग्रामीणों के सहयोग से सड़क के गड्ढों में डाली गई मिट्टी।
गढ़वा जिले के तिलकिम प्रखंड अंतर्गत तिरनार ग्राम पंचायत के बघी टोला, वार्ड नंबर 3 में ग्रामीणों ने सामूहिक सहयोग से सड़क की बदहाल स्थिति को सुधारने की पहल की। लंबे समय से खराब सड़क के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी दिक्कत होती थी और बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढों में गिरने का खतरा बना रहता था।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की स्थिति काफी समय से खराब थी। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए थे, जिसके कारण पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों को भी परेशानी होती थी।
समस्या को देखते हुए तिरनार ग्राम पंचायत के मुखिया और बघी टोला वार्ड नंबर 3 के ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से सड़क पर मिट्टी गिराकर गड्ढों को भरने का काम किया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ सड़क की मरम्मत का प्रयास नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को एक संदेश भी है कि जब मूलभूत सुविधाओं के लिए लोग परेशान हों, तो समाज मिलकर भी समाधान की दिशा में कदम उठा सकता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक खराब सड़क के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी होती थी। बारिश के समय सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण कई बार बच्चों के गिरने की स्थिति भी सामने आती थी।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति बेहतर होने से बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों को आने-जाने में काफी राहत मिलेगी।
ग्रामीणों ने स्थानीय सांसद और विधायक से भी सड़क की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विकास और जनता की समस्याओं को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन गांव की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता।
कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें यह बात कही गई कि उन्होंने विधायक को वोट नहीं दिया, इसलिए उनके क्षेत्र का विकास कार्य नहीं कराया जाएगा। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास किसी पार्टी, व्यक्ति या वोट के आधार पर नहीं, बल्कि जनता की जरूरत के आधार पर होना चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि आगामी चुनाव में वे सड़क, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखकर जनप्रतिनिधियों से सवाल करेंगे।
बघी टोला में ग्रामीणों द्वारा मिलकर सड़क के गड्ढों में मिट्टी डालना भले ही एक छोटा कदम हो, लेकिन यह जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ा संदेश जरूर है कि जनता अब अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है और विकास के मुद्दे पर सवाल पूछने के लिए तैयार है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सड़क पर केवल अस्थायी रूप से मिट्टी डालने के बजाय इसकी स्थायी, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए, ताकि बरसात के समय लोगों को दोबारा परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की इस पहल के बाद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इस सड़क की स्थायी समस्या का समाधान कब तक करते हैं।












