सांप-बिच्छू काट लें तो क्या करें? न रोशनी, न पानी, न सड़क, न पूरा राशन—गांव की बिजली सच्चाई।
शौचालय के अभाव में जी रहे ग्रामीण, हर दिन खतरे के साये में गुजरात रह रहे जीवन।
जौनपुर (बरसठी थाना क्षेत्र)
उत्तर प्रदेश के जिलों के अंतर्गत आने वाले बनकट कांटी,
ग्राम सभा में आज भी
उनके गांव में न तो बिजली न तो चारदीवारी की व्यवस्था है और न ही पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध है। इसके अलावा गांव तक आने-जाने के लिए पक्की सड़क भी नहीं है, जिससे लोगों को काफी पूछताछ का सामना करना पड़ता है।
सबसे गंभीर बात तो यह है कि यहां के लोगों को पूरा राशन भी नहीं मिल पा रहा है। कई लोगों का आरोप है कि बर्तन के बावजूद उन्हें सरकारी मंजूरी का लाभ नहीं मिल रहा है।
गांव में सांप और बिच्छू का खतरा हमेशा बना रहता है। अगर किसी को सांप या बिच्छू काट ले, तो इलाज के लिए कोई तत्काल सुविधा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल दूर होने का कारण कई बार स्थिति और भी गंभीर हो जाता है।
यह स्थिति प्रशासन और सरकार की परिभाषा पर प्रतिबंध रखती है। जहां एक ओर विकास की बातें हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे गांव में आज भी आच्छादन को बढ़ावा दिया गया है।
प्रशासन ने मांग की है कि जल्द से जल्द उनके गांव में बिजली, पानी, सड़क और राशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें भी सामान्य जीवन जीने का अधिकार मिल सके।
यह खबर सिर्फ एक गांव की नहीं है, बल्कि उन हजारों इलाकों की हकीकत है जहां आज भी लोग सौंदर्य प्रसाधनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संबंधित अधिकारी को इस ओर ध्यान देना और शीघ्र समाधान करना आवश्यक है।
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