।गढ़वा में ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान, गांव-गांव पहुंचकर लोगों को दी जा रही कानूनी जानकारी।
गढ़वा: न्यायालय तक पहुंचने में असमर्थ लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी देने के उद्देश्य से गढ़वा जिले में ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान के तहत गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक कानूनी जानकारी पहुंचाना है, जो दूरी, आर्थिक परेशानी या जानकारी के अभाव के कारण न्यायालय और कानूनी सेवाओं तक नहीं पहुंच पाते हैं। अभियान के माध्यम से लोगों को उनके मूलभूत कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि कई बार कानून की जानकारी नहीं होने के कारण लोग अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते। ऐसे लोगों को बताया जा रहा है कि अन्याय होने की स्थिति में वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।
इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के फ्रंट ऑफिस के माध्यम से उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर और वकील की फीस देने में असमर्थ पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसकी फीस का भुगतान निर्धारित व्यवस्था के तहत सरकार द्वारा किया जाता है।
गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास
‘न्याय आपके द्वार’ का संदेश यही है कि न्याय और कानूनी जानकारी केवल अदालत परिसर तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक उनके गांव और घर के करीब पहुंच सके।
कानूनी जागरूकता का संदेश साफ है—जानकारी के अभाव में अन्याय न सहें, अपने अधिकारों को जानें और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेकर न्याय के लिए आगे बढ़ेंगा न्याय आपके द्वार—न्याय की, जानकारी, आपका।













