गोंदा राष्ट्रीय उच्च क्रमित माध्यमिक विद्यालय की जर्जर हालत, छत से गिर रहा मलबा; फर्श पर बैठकर पढ़ रहे बच्चे।
गढ़वा। मेराल प्रखंड अंतर्गत गोंदा ग्राम पंचायत स्थित गोंदा राष्ट्रीय उच्च क्रमित माध्यमिक विद्यालय की स्थिति इन दिनों चिंता का विषय बनी हुई है। विद्यालय भवन के जिस कमरे में बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं, उसकी छत जर्जर हो चुकी है। छत से धीरे-धीरे सीमेंट, बालू और गिट्टी के टुकड़े गिरने की बात सामने आ रही है। वहीं, छत में जगह-जगह छेद भी दिखाई देने लगे हैं।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जर्जर छत के ठीक नीचे बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। अगर अचानक छत का कोई हिस्सा गिरता है और कोई बच्चा इसकी चपेट में आता है, तो उस स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी?
डेस्क-बेंच खराब, फर्श पर बैठ रहे छात्र
विद्यालय में बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार, खराब हो चुके डेस्क-बेंच की प्लाई को निकालकर बाहर फेंक दिया गया है। इसके बाद कई छात्र-छात्राओं को फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
एक ओर विद्यालय भवन की छत जर्जर है, तो दूसरी ओर बच्चों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित बैठने की व्यवस्था का अभाव दिखाई दे रहा है।
मरम्मत को लेकर उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहा है कि जब विद्यालय भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है और छत से मलबा गिरने लगा है, तो समय रहते इसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही है?
क्या संबंधित विभाग को विद्यालय की जर्जर स्थिति की जानकारी है?
क्या भवन की तकनीकी जांच कराई गई है?
और सबसे बड़ा सवाल—किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने का इंतजार किया जाएगा या उससे पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी?
बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी
विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता होना स्वाभाविक है। जर्जर भवन में बच्चों की कक्षाएं संचालित होने के मामले में संबंधित शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन को स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
न्याय की बात की टीम इस मामले में संबंधित विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग का पक्ष जानने का प्रयास करेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भवन की मरम्मत और बच्चों के लिए सुरक्षित बैठने की व्यवस्था को लेकर क्या कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट: न्याय की बात











