संविधान को लेकर नया विवाद: अकेले B. R. Ambedkar ने नहीं लिखा – बागेश्वर धाम पहुंचा युवक।
मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल Bageshwar Dham में उस समय हलचल मच गई, जब एक युवक ने भारतीय संविधान को लेकर बड़ा बयान दे दिया। युवक का कहना था कि भारत का संविधान केवल B. R. Ambedkar ने अकेले नहीं लिखा, बल्कि इसमें कई अन्य लोगों का भी योगदान रहा है।
पूरा मामला क्या है?
बताया जा रहा है कि युवक बागेश्वर धाम पहुंचा और वहां मौजूद लोगों के बीच उसने यह बात रखी कि संविधान निर्माण एक सामूहिक प्रक्रिया थी। उसके इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों में बहस शुरू हो गई और मामला चर्चा का विषय बन गया।
भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान माना जाता है। इसे बनाने के लिए एक संविधान सभा (Constituent Assembly) का गठन किया गया था, जिसमें कई विद्वान, नेता और विशेषज्ञ शामिल थे।
हालांकि, B. R. Ambedkar को संविधान का मुख्य शिल्पकार (Chief Architect) कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
युवक के इस बयान के बाद लोगों के बीच दो राय बन गई है—
कुछ लोग इसे ऐतिहासिक तथ्य बता रहे हैं
वहीं कुछ लोग इसे बाबा साहेब के योगदान को कम करने की कोशिश मान रहे हैं।
यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग अपने-अपने विचार रख रहे हैं और संविधान निर्माण को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है।
संविधान निर्माण एक सामूहिक प्रक्रिया जरूर थी, लेकिन B. R. Ambedkar का योगदान इसमें सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस तरह के बयान समाज में नई बहस को जन्म देते हैं।
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