मेराल में ओवरब्रिज के नीचे नाली निर्माण पर सवाल, सड़क की चौड़ाई कम होने से भविष्य में खतरे की आशंका।
लमेराल, गढ़वा: गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड से सड़क निर्माण और नाली निर्माण को लेकर एक मामला सामने आया है, जिस पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। मेराल पाया नंबर-34 ओवरब्रिज के नीचे नाली निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन नाली के लिए छोड़ी गई जगह और सड़क की चौड़ाई को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है।
मौके की तस्वीरों में नाली निर्माण के साथ सड़क के हिस्से को लेकर स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के बाद सड़क की उपलब्ध चौड़ाई पहले की अपेक्षा कम दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सड़क और नाली का निर्माण किस तकनीकी योजना और मानक के अनुसार किया जा रहा है।
मुआवजे के बाद भी निर्माण में बाधा क्यों?
स्थानीय लोगों के बीच यह बात भी चर्चा में है कि यहां मौजूद पानी की टंकी को लेकर मुआवजे की राशि दिए जाने की बात सामने आई थी। यदि वास्तव में मुआवजा दिया जा चुका है, तो फिर सड़क निर्माण में बाधा की स्थिति क्यों बनी हुई है—यह भी लोगों का सवाल है।
हालांकि मुआवजे और उससे जुड़ी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष सामने आना जरूरी है।
सड़क की चौड़ाई को लेकर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल सड़क की चौड़ाई को लेकर है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क को पर्याप्त चौड़ाई में नहीं बनाया गया, तो आने वाले समय में यहां यातायात, जलजमाव या दुर्घटना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि क्या किसी दबाव, आपसी सहमति या अन्य कारणों से सड़क और नाली के निर्माण की मूल योजना में बदलाव किया गया है। हालांकि इन चर्चाओं की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या नियमों के अनुसार हो रहा निर्माण?
सवाल यह भी है कि सरकारी सड़क और नाली निर्माण के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
क्या सड़क की पूरी निर्धारित चौड़ाई सुरक्षित रखी जा रही है?
क्या नाली का निर्माण तकनीकी रूप से सही तरीके से किया जा रहा है?
क्या मौके पर निर्माण कार्य स्वीकृत नक्शे और योजना के अनुरूप हो रहा है?
और यदि किसी व्यक्ति या संपत्ति के कारण सरकारी निर्माण प्रभावित हो रहा है, तो उसके लिए निर्धारित नियम और प्रक्रिया क्या है?
इन सभी सवालों पर संबंधित विभाग और एनएचएआई की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
भविष्य में परेशानी की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क केवल वर्तमान जरूरत को देखते हुए नहीं बनाई जाती, बल्कि आने वाले वर्षों की यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर उसका निर्माण किया जाता है।
यदि अभी सड़क की चौड़ाई कम रह जाती है या नाली का निर्माण उचित तरीके से नहीं होता है, तो भविष्य में यही स्थान जाम, जलजमाव अथवा दुर्घटना का कारण बन सकता है।
इसलिए मामला सिर्फ एक नाली के निर्माण तक सीमित नहीं है। सवाल यह है कि क्या पूरा निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत योजना के अनुसार किया जा रहा है?
विभाग के जवाब का इंतजार
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग और एनएचएआई मौके की स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि सड़क तथा नाली का निर्माण किस योजना और तकनीकी मानक के तहत किया जा रहा है।
न्याय की बात इस मामले को संबंधित विभाग और अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास करेगा। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कहते हैं और मौके की वास्तविक स्थिति को लेकर विभाग की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।
सवाल जनता का है… जवाब जिम्मेदार विभाग को देना होगा।
न्याय की बात।













