जौनपुर: आज हम आपको एक ऐसी तस्वीर दिखाने जा रहे हैं, जो समाज की सच्चाई और प्रशासन की लापरवाही दोनों को उजागर करती है।
यह मामला है मीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत मीरगंज स्थित देशी शराब की दुकान का, जो मुख्य सड़क के बिल्कुल किनारे संचालित हो रही है।
17 मार्च 2026 की शाम, यहां एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने कई सवाल खड़े कर दिए।
एक व्यक्ति शराब के नशे में इतना चूर हो गया कि वह सड़क के किनारे ही बेहोश होकर गिर पड़ा।
यह स्थान कोई सुनसान इलाका नहीं, बल्कि एक पब्लिक प्लेस है, जहां हर समय लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
सोचिए…
अगर उस समय कोई बड़ा हादसा हो जाता…
तो आखिर उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
क्या शराब की दुकान संचालक?
क्या स्थानीय प्रशासन?
या फिर सिस्टम की लापरवाही?
एक तरफ…
वहीं पास में बैठकर एक दूध बेचने वाला, बेचने लगे तो घंटों इंतजार करेगा कि कोई उसकी मेहनत की कमाई खरीदे…
और दूसरी तरफ…
शराब की दुकान पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं, लोग धड़ल्ले से शराब खरीदते और वहीं खड़े होकर पीते हैं।
ये तस्वीर सिर्फ एक घटना नहीं…
बल्कि समाज की प्राथमिकताओं पर एक बड़ा सवाल है।
👉 “यहां खुलेआम शराब पीना आम बात हो गई है”
👉 “कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई”
अब सवाल यह उठता है कि:
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
क्या नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं?
अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई…
तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
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