जालौर में समाज का बड़ा फैसला: महिलाओं के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर पाबंदी!
राजस्थान के जालौर जिले के गाजीपुर गांव में आयोजित चौधरी समाज की एक बड़ी बैठक में एक ऐसा निर्णय लिया गया है, जिसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है। 14 पट्टियों के प्रतिनिधियों और पंचों की मौजूदगी में समाज ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया है कि अब महिलाएं और बहू-बेटियां स्मार्टफोन का उपयोग नहीं कर सकेंगी। क्या हैं पंचायत के नए नियम? केवल की-पैड फोन महिलाएं अब सिर्फ साधारण की-पैड वाले फोन ही रख सकेंगी। शादी-समारोह में पाबंदी किसी भी सामाजिक कार्यक्रम या पड़ोस में जाते समय मोबाइल साथ ले जाने पर रोक रहेगी।
लागू होने की तिथि: यह आदेश 26 जनवरी से प्रभावी होगा। क्यों लिया गया यह फैसला? पंचायत का मानना है कि मोबाइल के बढ़ते उपयोग का सामाजिक ताने-बाने पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बैठक की अध्यक्षता सुंधामाता पट्टी के अध्यक्ष सुजनाराम चौधरी ने की, जहाँ इस फैसले को ‘सामाजिक सुधार’ के तौर पर पेश किया गया। हालांकि, इस फैसले को लेकर समाज में बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे परंपरा और मर्यादा से जोड़कर देख रहा है, तो दूसरा इसे व्यक्तिगत आजादी और आधुनिकता के दौर में पीछे ले जाने वाला कदम बता रहा है।
आपकी क्या राय है? क्या समाज द्वारा मोबाइल पर इस तरह की पाबंदी लगाना सही है? क्या यह कदम आज के डिजिटल युग में व्यावहारिक है?
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।
न्याय की बात।
Nyaykibaat.com













