जौनपुर में पूरे दिन छाया रहा कोहरा, ठंड से ठिठुरते रहे लोग, ग्राम प्रधानों की ओर से नहीं दिखी कोई व्यवस्था।
जिले में आज मौसम ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। पूरे दिन हल्की हवा के साथ घना कोहरा छाया रहा। सुबह से लेकर शाम तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। लोग उम्मीद लगाए बैठे रहे कि शायद दोपहर तक धूप निकलेगी, लेकिन इंतजार करते-करते शाम हो गई और सूरज बादलों और कोहरे के पीछे ही छिपा रहा। ठंड इतनी ज्यादा थी कि लोग घरों से निकलने से बचते नज़र आए।
सुबह के समय से ही सड़कों पर धुंध का असर साफ दिखा। गांव हो या शहर, हर तरफ कोहरे की चादर बिछी रही। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग अलाव के पास खड़े होकर ठंड से राहत लेते दिखाई दिए।
गांव, शहर, तिराहे और चौराहों पर जगह-जगह लोग आग जलाकर हाथ सेंकते नज़र आए। गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक और राहगीर ठंड से बचने के लिए मजबूरन खुद ही इंतजाम करते दिखे। कई लोग पुराने टायर, लकड़ी और कचरे को जलाकर ठंड से बचाव करते पाए गए, जिससे प्रदूषण भी बढ़ता दिखाई दिया।
सबसे चिंता की बात यह रही कि इस भीषण ठंड में ग्राम पंचायत स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नज़र नहीं आई। कई गांवों में न तो अलाव की व्यवस्था की गई और न ही कंबल वितरण जैसी कोई पहल होती दिखी। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल ठंड के मौसम में यही हाल रहता है। प्रशासन और ग्राम प्रधान ठंड बढ़ने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाते।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी होती है कि ठंड के मौसम में गरीब, बुजुर्ग और असहाय लोगों के लिए अलाव, कंबल और अन्य राहत सामग्री की व्यवस्था करें, लेकिन इस बार अधिकांश जगहों पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं दिखाई दी। लोगों का कहना है कि केवल कागजों में योजनाएं चलती हैं, जमीनी स्तर पर उनका असर नहीं दिखता।
मजदूर वर्ग की स्थिति सबसे ज्यादा खराब नज़र आई। दिहाड़ी मजदूरों को ठंड में भी काम की तलाश में घर से निकलना पड़ा। ठंड के कारण हाथ-पैर सुन्न पड़ रहे थे, फिर भी पेट की मजबूरी उन्हें बाहर निकलने पर मजबूर कर रही थी। कई बुजुर्ग और बच्चे ठंड से कांपते नज़र आए, लेकिन उनकी मदद के लिए कोई आगे आता नहीं दिखा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कराई जाए और जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया जाए। साथ ही, ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और ठंड से जूझ रहे लोगों की मदद करें।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। ऐसे में अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। ठंड से बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर स्थिति पर कब तक ध्यान देते हैं और कब तक ठंड से परेशान आम जनता को राहत मिल पाती है। फिलहाल जौनपुर के लोग कोहरे, ठंड और व्यवस्था की कमी से जूझते हुए सरकार और प्रशासन से मदद की आस लगाए बैठे हैं।
न्याय की बात।
https://youtube.com/@nyaykibaat1?si=Z7pzQ765aJAp9rm_
Nyaykibaat.com













